V.Shantaram's classic movies they opened the 7th Jagran film festival
25/06/2016

 

 
भारतीय सिनेमा में वी शांताराम के योगदान अमूल्य है ​वे भारतीय सिनेमा के पायनिर है , वी शांताराम बतौर अभिनेता, निर्माता और निर्देशक बेहद सफल रहे। 
 
भारतीय सिनेमा में वी.शांताराम का अमूल्य योगदान को ध्यान में रखते हुए ७ वे जागरण फिल्म फेस्टिवल में उन्हें ट्रिब्यूट देने के लिए इस लेजेंड्री आर्टिस्ट की श्रेष्ठता ​उनकी पॉपुलर फिल्में गीता गाया ​पत्थरो ने  (1964), डॉ कोटनिस की अमर कहानी (1946), शकुंतला (1943), झनक झनक पायल बाजे (1955) और दो आंखें बारह हाथ (1957)​ ​ फेस्टिवल के पहले दिन शोकेस कर फेस्टिवल की शुरुवात की जाएगी। ​बस इतना ही नहीं फेस्टिवल के आयोजकों ने घंटे भर का "द लिजेन्सी ऑफ़ वी.शांताराम" नामक सेमिनार का आयोजन किया है। 
 
७​ वे जागरण फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत १ जुलाई ​२०१६ ​को नई दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडोटोरियम से होगी और २६ सितम्बर को यह फेस्टिवल अपने आखरी पड़ाव में मुंबई आएगा।